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Q: ‘भीत्रार्थानां भयहेतु:’ सूत्र का प्रयोग किया जाता है–
  • A. कर्मकारक में (द्वितीया विभक्ति में)
  • B. करणकारक (तृतीया विभक्ति में)
  • C. सम्प्रदानकारक (चतुर्थी विभक्ति में)
  • D. अपादानकारक (पञ्चमी विभक्ति में)
Correct Answer: Option D - ‘भीत्रार्थानां भयहेतु:’ सूत्र पञ्चमी विभक्ति विधायक सूत्र है। भयार्थक एवं त्राणार्थक धातुओ एवं शब्दों के प्रयोग में भय का कारण ‘अपादान’ होता है जिससे इनमें पञ्चमी विभक्ति होती है। उदाहरण – ‘चोराद् विभेति’ –चोर से डरता है। सर्पाद् भयम् – साँप से डरता है।
D. ‘भीत्रार्थानां भयहेतु:’ सूत्र पञ्चमी विभक्ति विधायक सूत्र है। भयार्थक एवं त्राणार्थक धातुओ एवं शब्दों के प्रयोग में भय का कारण ‘अपादान’ होता है जिससे इनमें पञ्चमी विभक्ति होती है। उदाहरण – ‘चोराद् विभेति’ –चोर से डरता है। सर्पाद् भयम् – साँप से डरता है।

Explanations:

‘भीत्रार्थानां भयहेतु:’ सूत्र पञ्चमी विभक्ति विधायक सूत्र है। भयार्थक एवं त्राणार्थक धातुओ एवं शब्दों के प्रयोग में भय का कारण ‘अपादान’ होता है जिससे इनमें पञ्चमी विभक्ति होती है। उदाहरण – ‘चोराद् विभेति’ –चोर से डरता है। सर्पाद् भयम् – साँप से डरता है।