Correct Answer:
Option A - भाौतिक संसाधनों में टिकने वाली `वस्तु एवं पैसा' आता है। धन (Money) की सीमितता की गणना स्पष्ट रूप से की जा सकती है। धन व्यक्तियों में भिन्न-भिन्न मात्रा में पाया जाता है। साथ ही एक ही व्यक्ति में जीवन की विभिन्न अवस्थाओं में इसकी मात्रा में भिन्नता पाई जाती है। धन अन्य साधनों से इस रूप में भिन्न है कि इसे प्राप्त करना सम्भव होता है। यदि व्यक्ति कार्य करना चाहता है और कार्य उपलब्ध है तो व्यक्ति अधिक समय तक कार्य करके और अधिक धन प्राप्त कर सकता है। धन को बचाया जा सकता है और उधार भी लिया जा सकता है।
A. भाौतिक संसाधनों में टिकने वाली `वस्तु एवं पैसा' आता है। धन (Money) की सीमितता की गणना स्पष्ट रूप से की जा सकती है। धन व्यक्तियों में भिन्न-भिन्न मात्रा में पाया जाता है। साथ ही एक ही व्यक्ति में जीवन की विभिन्न अवस्थाओं में इसकी मात्रा में भिन्नता पाई जाती है। धन अन्य साधनों से इस रूप में भिन्न है कि इसे प्राप्त करना सम्भव होता है। यदि व्यक्ति कार्य करना चाहता है और कार्य उपलब्ध है तो व्यक्ति अधिक समय तक कार्य करके और अधिक धन प्राप्त कर सकता है। धन को बचाया जा सकता है और उधार भी लिया जा सकता है।