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Q: भाषा के उद्भव सिद्धान्तों में कौन सा नहीं है?
  • A. आवेग सिद्धान्त
  • B. वेग सिद्धान्त
  • C. सङ्गीत सिद्धान्त
  • D. रणन सिद्धान्त
Correct Answer: Option B - भाषा के उद्भव सिद्धान्तों में आवेग सिद्धान्त, सङ्गीत सिद्धान्त, रणन सिद्धान्त ये तीनों ही आते हैं। वेगसिद्धान्त भाषा के उद्भव सिद्धान्तों के अन्तर्गत नहीं है। रणन सिद्धान्त-इस सिद्धान्त के मूल विचारक प्लेटो थे जो एक महान दार्शनिक थे। इनके अनुसार संसार की हर चीज की अपनी एक ध्वनि है। आवेग सिद्धान्त - आवेग शब्द का प्रत्यक्ष सम्बन्ध मनोवेगों से होता है, मनुष्य के भीतर नाना प्रकार के आवेग चलते हैं-जैसे सुख,दु:ख, क्रोध, घृणा, करुणा आदि इन सभी मनोभावों को अभिव्यक्त करने की आवश्यकता होती है।
B. भाषा के उद्भव सिद्धान्तों में आवेग सिद्धान्त, सङ्गीत सिद्धान्त, रणन सिद्धान्त ये तीनों ही आते हैं। वेगसिद्धान्त भाषा के उद्भव सिद्धान्तों के अन्तर्गत नहीं है। रणन सिद्धान्त-इस सिद्धान्त के मूल विचारक प्लेटो थे जो एक महान दार्शनिक थे। इनके अनुसार संसार की हर चीज की अपनी एक ध्वनि है। आवेग सिद्धान्त - आवेग शब्द का प्रत्यक्ष सम्बन्ध मनोवेगों से होता है, मनुष्य के भीतर नाना प्रकार के आवेग चलते हैं-जैसे सुख,दु:ख, क्रोध, घृणा, करुणा आदि इन सभी मनोभावों को अभिव्यक्त करने की आवश्यकता होती है।

Explanations:

भाषा के उद्भव सिद्धान्तों में आवेग सिद्धान्त, सङ्गीत सिद्धान्त, रणन सिद्धान्त ये तीनों ही आते हैं। वेगसिद्धान्त भाषा के उद्भव सिद्धान्तों के अन्तर्गत नहीं है। रणन सिद्धान्त-इस सिद्धान्त के मूल विचारक प्लेटो थे जो एक महान दार्शनिक थे। इनके अनुसार संसार की हर चीज की अपनी एक ध्वनि है। आवेग सिद्धान्त - आवेग शब्द का प्रत्यक्ष सम्बन्ध मनोवेगों से होता है, मनुष्य के भीतर नाना प्रकार के आवेग चलते हैं-जैसे सुख,दु:ख, क्रोध, घृणा, करुणा आदि इन सभी मनोभावों को अभिव्यक्त करने की आवश्यकता होती है।