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Q: भारतीय सौन्दर्यशास्त्र के प्रथम दार्शनिक थे:
  • A. भट्टलोल्लट
  • B. अभिनव गुप्त
  • C. भरत
  • D. आनन्दवर्धन
Correct Answer: Option C - रस सिद्धान्त प्रवर्तक आचार्य भरत मुनि माने जाते हैं। भरत का नाट्य शास्त्र (प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व) पूर्वाचार्यों की रस विषयक उपलब्धियों को अपने में संजोये हुए हैं। भरतमुनि का नाट्यशास्त्र भारतीय सौन्दर्य दर्शन का प्राचीनतम ग्रन्थ है जिसमें उन्होंने अपना सुप्रसिद्ध रस सिद्धान्त प्रतिपादित किया है।
C. रस सिद्धान्त प्रवर्तक आचार्य भरत मुनि माने जाते हैं। भरत का नाट्य शास्त्र (प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व) पूर्वाचार्यों की रस विषयक उपलब्धियों को अपने में संजोये हुए हैं। भरतमुनि का नाट्यशास्त्र भारतीय सौन्दर्य दर्शन का प्राचीनतम ग्रन्थ है जिसमें उन्होंने अपना सुप्रसिद्ध रस सिद्धान्त प्रतिपादित किया है।

Explanations:

रस सिद्धान्त प्रवर्तक आचार्य भरत मुनि माने जाते हैं। भरत का नाट्य शास्त्र (प्रथम शताब्दी ईसा पूर्व) पूर्वाचार्यों की रस विषयक उपलब्धियों को अपने में संजोये हुए हैं। भरतमुनि का नाट्यशास्त्र भारतीय सौन्दर्य दर्शन का प्राचीनतम ग्रन्थ है जिसमें उन्होंने अपना सुप्रसिद्ध रस सिद्धान्त प्रतिपादित किया है।