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Q: भारतीय चित्रकला के पुनर्जागरण का श्रेय किसे जाता है?
  • A. क्षेत्रीय मुगल शैली
  • B. कम्पनी शैली
  • C. योरोपियन शैली
  • D. बंगाल शैली
Correct Answer: Option D - 19वीं शताब्दी परिवर्तनीय युग में भारतीय कला जगत में अवनीन्द्रनाथ ठाकुर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस शैली का जन्म तत्कालीन परिस्थितियों के कारण हुआ। ओ.सी. गांगुली का मानना है कि पुनरुत्थान शैली का जन्म बौद्धिक विचार एवं स्वदेश प्रेम का प्रतिफल है। अवनीन्द्रनाथ ने साहसिक क्रान्तिकारी विचारों एवं ई.वी. हैवेल के भारतीय कला के प्रति उदार व्यवहार ने बंगाल शैली को जन्म दिया।
D. 19वीं शताब्दी परिवर्तनीय युग में भारतीय कला जगत में अवनीन्द्रनाथ ठाकुर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस शैली का जन्म तत्कालीन परिस्थितियों के कारण हुआ। ओ.सी. गांगुली का मानना है कि पुनरुत्थान शैली का जन्म बौद्धिक विचार एवं स्वदेश प्रेम का प्रतिफल है। अवनीन्द्रनाथ ने साहसिक क्रान्तिकारी विचारों एवं ई.वी. हैवेल के भारतीय कला के प्रति उदार व्यवहार ने बंगाल शैली को जन्म दिया।

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19वीं शताब्दी परिवर्तनीय युग में भारतीय कला जगत में अवनीन्द्रनाथ ठाकुर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, इस शैली का जन्म तत्कालीन परिस्थितियों के कारण हुआ। ओ.सी. गांगुली का मानना है कि पुनरुत्थान शैली का जन्म बौद्धिक विचार एवं स्वदेश प्रेम का प्रतिफल है। अवनीन्द्रनाथ ने साहसिक क्रान्तिकारी विचारों एवं ई.वी. हैवेल के भारतीय कला के प्रति उदार व्यवहार ने बंगाल शैली को जन्म दिया।