Correct Answer:
Option A - भारत द्वारा 2 जुलाई, 2019 को श्रीहरिकोटा रेंज से प्रक्षेपित किये गये अंतरिक्ष यान चंद्रयान-2 के दो महत्वपूर्ण भाग थे जिनमें एक भाग लैंडर का नाम ‘विक्रम’ तथा दूसरे भाग रोवर का नाम ‘प्रज्ञान’ था। चन्द्रयान-2 मिशन का मुख्य उद्देश्य चाँद के सतह का नक्शा तैयार करना, खनिजों की मौजूदगी का पता लगाना तथा चन्द्रमा के बाहरी वातावरण को स्कैन करना व किसी न किसी रूप में पानी का उपस्थिति का पता लगाना था। परन्तु चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में साफ्ट लैडिंग करते वक्त विक्रम लैंडर क्रैश हो गया जिससे यह मिशन असफल रहा।
A. भारत द्वारा 2 जुलाई, 2019 को श्रीहरिकोटा रेंज से प्रक्षेपित किये गये अंतरिक्ष यान चंद्रयान-2 के दो महत्वपूर्ण भाग थे जिनमें एक भाग लैंडर का नाम ‘विक्रम’ तथा दूसरे भाग रोवर का नाम ‘प्रज्ञान’ था। चन्द्रयान-2 मिशन का मुख्य उद्देश्य चाँद के सतह का नक्शा तैयार करना, खनिजों की मौजूदगी का पता लगाना तथा चन्द्रमा के बाहरी वातावरण को स्कैन करना व किसी न किसी रूप में पानी का उपस्थिति का पता लगाना था। परन्तु चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में साफ्ट लैडिंग करते वक्त विक्रम लैंडर क्रैश हो गया जिससे यह मिशन असफल रहा।