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Q: भारत में साइमन कमीशन का बहिष्कार किया गया क्योंकि
  • A. यह वैधानिक समिति नहीं थी।
  • B. इसके ‘सारे सदस्य गोरे अंग्रेज’ थे।
  • C. महात्मा गॉंधी ने इसके बहिष्कार का आह्वान किया था।
  • D. 1919 के अधिनियम की व्यवस्था के विपरीत इसकी नियुक्ति विलम्ब से की गई थी।
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं।
Correct Answer: Option B - 1919 ई. के एक्ट में 10 वर्ष पर इसकी समीक्षा का प्रावधान था, परंतु 1929 ई. में ब्रिटेन में आम चुनाव होने के कारण 8 नवंबर, 1927 ई. को ही जान साइमन की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय आयोग का गठन कर दिया। कमीशन को भारत के राजनैतिक भविष्य का निर्णय करना था। परंतु आश्चर्यजनक रूप से कमीशन के सभी सदस्य यूरोपीय अंग्रेज थे और भारत में इसके तीव्र विरोध का यही सबसे बड़ा कारण था। प्रबुद्ध भारतीय जनमत को यह स्वीकार्य नहीं था।
B. 1919 ई. के एक्ट में 10 वर्ष पर इसकी समीक्षा का प्रावधान था, परंतु 1929 ई. में ब्रिटेन में आम चुनाव होने के कारण 8 नवंबर, 1927 ई. को ही जान साइमन की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय आयोग का गठन कर दिया। कमीशन को भारत के राजनैतिक भविष्य का निर्णय करना था। परंतु आश्चर्यजनक रूप से कमीशन के सभी सदस्य यूरोपीय अंग्रेज थे और भारत में इसके तीव्र विरोध का यही सबसे बड़ा कारण था। प्रबुद्ध भारतीय जनमत को यह स्वीकार्य नहीं था।

Explanations:

1919 ई. के एक्ट में 10 वर्ष पर इसकी समीक्षा का प्रावधान था, परंतु 1929 ई. में ब्रिटेन में आम चुनाव होने के कारण 8 नवंबर, 1927 ई. को ही जान साइमन की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय आयोग का गठन कर दिया। कमीशन को भारत के राजनैतिक भविष्य का निर्णय करना था। परंतु आश्चर्यजनक रूप से कमीशन के सभी सदस्य यूरोपीय अंग्रेज थे और भारत में इसके तीव्र विरोध का यही सबसे बड़ा कारण था। प्रबुद्ध भारतीय जनमत को यह स्वीकार्य नहीं था।