Correct Answer:
Option D - कृषि विकास में प्रसार शिक्षा की भूमिका मुख्यत: उत्प्रेरकीय है। ‘‘प्रसार एक प्रकार की शिक्षा है, जिसका उद्देश्य कृषकों के मानसिक दृष्टिकोण और कार्य पद्धति में परिवर्तन लाना है, जिसके साथ कार्य किया जा सके।’’
D. कृषि विकास में प्रसार शिक्षा की भूमिका मुख्यत: उत्प्रेरकीय है। ‘‘प्रसार एक प्रकार की शिक्षा है, जिसका उद्देश्य कृषकों के मानसिक दृष्टिकोण और कार्य पद्धति में परिवर्तन लाना है, जिसके साथ कार्य किया जा सके।’’