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Q: भारत में पंचायती राज संस्थाओं के ह्रास के लिए अशोक मेहता समिति द्वारा निम्नलिखित में से कौन-से कारण बताए गए थे? (i) अधिकारी तंत्र की भूमिका (ii) राजनीतिक इच्छा शक्ति का अभाव (iii) संप्रत्ययात्मक (कंसेप्युअल) स्पष्टता का अभाव (iv) लिंग समता (जेंडर प्रॉयरिटी) का अभाव नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर का चयन करें।
  • A. (i) और (iv)
  • B. (ii) और (iii)
  • C. (i), (ii) और (iii)
  • D. (ii), (iii) और (iv)
Correct Answer: Option C - भारत में पंचायती राज संस्थाओं के ह्रास का कारण अशोक मेहता ने अधिकारी तंत्र की भूमिका, राजनीतिक इच्छा का अभाव और संप्रत्ययात्मक स्पष्टता के अभाव को मुख्य कारण माना था। दिसम्बर, 1977 में जनता पार्टी की सरकार ने अशोक मेहता की अध्यक्षता में पंचायती राज संस्थाओं पर एक समिति का गठन किया, जिसने 1978 को अपनी रिपोर्ट सौंपी और देश में पतनोन्मुख पंचायती राज पद्धति को मजबूत करने हेतु 132 सिफारिशें की।
C. भारत में पंचायती राज संस्थाओं के ह्रास का कारण अशोक मेहता ने अधिकारी तंत्र की भूमिका, राजनीतिक इच्छा का अभाव और संप्रत्ययात्मक स्पष्टता के अभाव को मुख्य कारण माना था। दिसम्बर, 1977 में जनता पार्टी की सरकार ने अशोक मेहता की अध्यक्षता में पंचायती राज संस्थाओं पर एक समिति का गठन किया, जिसने 1978 को अपनी रिपोर्ट सौंपी और देश में पतनोन्मुख पंचायती राज पद्धति को मजबूत करने हेतु 132 सिफारिशें की।

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भारत में पंचायती राज संस्थाओं के ह्रास का कारण अशोक मेहता ने अधिकारी तंत्र की भूमिका, राजनीतिक इच्छा का अभाव और संप्रत्ययात्मक स्पष्टता के अभाव को मुख्य कारण माना था। दिसम्बर, 1977 में जनता पार्टी की सरकार ने अशोक मेहता की अध्यक्षता में पंचायती राज संस्थाओं पर एक समिति का गठन किया, जिसने 1978 को अपनी रिपोर्ट सौंपी और देश में पतनोन्मुख पंचायती राज पद्धति को मजबूत करने हेतु 132 सिफारिशें की।