Correct Answer:
Option C - भाषिक विभिन्नता को शिक्षा में अवरोधक की बजाय एक अवसर के रूम में देखना चाहिए। यदि किसी कक्षा में बहुभाषी विद्यार्थी हैं विशेषकर कक्षा I और कक्षा II के प्राथामिक स्तर पर तो ऐसी परिस्थिति में शिक्षक को एक ऐसी शिक्षण प्रक्रिया का निर्माण करना चाहिए जिसमें सभी बच्चे सहजता से सीख सके तथा अपने भावों, विचारों आदि को अपनी भाषा में अभिव्यक्त कर सकें।
C. भाषिक विभिन्नता को शिक्षा में अवरोधक की बजाय एक अवसर के रूम में देखना चाहिए। यदि किसी कक्षा में बहुभाषी विद्यार्थी हैं विशेषकर कक्षा I और कक्षा II के प्राथामिक स्तर पर तो ऐसी परिस्थिति में शिक्षक को एक ऐसी शिक्षण प्रक्रिया का निर्माण करना चाहिए जिसमें सभी बच्चे सहजता से सीख सके तथा अपने भावों, विचारों आदि को अपनी भाषा में अभिव्यक्त कर सकें।