Correct Answer:
Option C - राजाराम मोहन राय के अनुपस्थिति में बह्म समाज का संचालन आचार्य रामचन्द्र विद्या वागीश करते रहे। 1833 में इनकी मृत्यु के बाद इसका नियंत्रण द्वारका नाथ टैगोर के हाथ में आया। इनके बाद 1843 में इसका संचालन देवेन्द्रनाथ टैगोर ने किया। इसके पहले इन्होने 1839 ई. में तत्व बोधिनी सभा की स्थापना की तथा तत्वबोधिनी नामक बंगाली मासिक पत्रिका निकाली। उस समय राजेन्द्र लाल मित्र, अक्षय कुमार दत्त एवं ईश्वर चन्द्र विद्यासागर जैसे समाज सुधारक तत्व बोधिनी के सदस्य थे।
C. राजाराम मोहन राय के अनुपस्थिति में बह्म समाज का संचालन आचार्य रामचन्द्र विद्या वागीश करते रहे। 1833 में इनकी मृत्यु के बाद इसका नियंत्रण द्वारका नाथ टैगोर के हाथ में आया। इनके बाद 1843 में इसका संचालन देवेन्द्रनाथ टैगोर ने किया। इसके पहले इन्होने 1839 ई. में तत्व बोधिनी सभा की स्थापना की तथा तत्वबोधिनी नामक बंगाली मासिक पत्रिका निकाली। उस समय राजेन्द्र लाल मित्र, अक्षय कुमार दत्त एवं ईश्वर चन्द्र विद्यासागर जैसे समाज सुधारक तत्व बोधिनी के सदस्य थे।