Explanations:
A ploughed Field was discovered at एक जुते हुए खेत की खोज की गई थी- (a) कालीबंगा में प्राक सैंधव संस्कृति की सबसे महत्त्वपूर्ण उपलब्धि एक जुते हुए खेत का साक्ष्य प्राप्त हुआ है जो राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में स्थित है। इसकी खोज सर्वप्रथम अमलानंद घोष ने 1952 में की। यहाँ पर प्राक हड़प्पा कालीन संस्कृतियों के अवशेष भी मिले हैं, जहाँ से प्राप्त कुछ मृदभांड परवर्ती हड़प्पा सांस्कृतिक युग में भी प्रयुक्त किए जाते थे। यहाँ से प्राप्त अवशेषों में प्रमुख हैं– बेलनाकार मुहरे, हल के निशान (जुते हुए खेत का साक्ष्य), ईटों से निर्मित चबूतरें, हवन कुण्ड या अग्निकुण्ड, अन्नागार, अलंकृत ईंटों का प्रयोग घरों के निर्माण में कच्ची ईंटो का प्रयोग, युगल तथा प्रतीकात्मक समाधियाँ अन्त्येष्टि हेतु तीनों विधियाँ पूर्ण, आंशिक समाधिकरण एवं दाह संस्कार आदि। इसके अलावा कालीबंगा से चावल की खेती के प्रमाण, एक साथ दो फसलों को बोये जाने का साक्ष्य मृण पट्टिका पर उत्कीर्ण सींगयुक्त देवता, ऊट की हड्डियों के अवशेष, घोड़े के अस्तित्व के सूक्ष्म अवशेष तथा दुर्ग और नीचे के नगर दोनों के अलग-अलग प्राचीर से घिरे होने के साक्ष्य मिले हैं।