Correct Answer:
Option A - भूकंपीयता से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी, अतीत में आए भूकंप तथा प्लेट विवर्तनिक व्यवस्था के आधार पर भारत को चार भूकंपीय जोनो में (II, III, IV और V) वर्गीकृत किया गया है। BIS भूकंपीय खतरे के नक्शे और कोड प्रकाशित करने के लिए आधिकारिक एजेंसी है। भूकंप की तीव्रता तथा उत्पन्न ऊर्जा के मापन के लिए रेक्टर पैमाने का प्रयोग किया जाता है।
A. भूकंपीयता से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी, अतीत में आए भूकंप तथा प्लेट विवर्तनिक व्यवस्था के आधार पर भारत को चार भूकंपीय जोनो में (II, III, IV और V) वर्गीकृत किया गया है। BIS भूकंपीय खतरे के नक्शे और कोड प्रकाशित करने के लिए आधिकारिक एजेंसी है। भूकंप की तीव्रता तथा उत्पन्न ऊर्जा के मापन के लिए रेक्टर पैमाने का प्रयोग किया जाता है।