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Q: बिहार में महात्मा गांधी के पूर्व सापेक्ष राष्ट्रीय सक्रियता की अनुपस्थिति इसके अभाव में देखी जा सकती है-
  • A. एकीकृत समुदाय
  • B. चरमपंथी समूह
  • C. रचनात्मक क्षेत्रीय अभिजन
  • D. वर्चस्वशाली मध्यवर्ग
Correct Answer: Option A - बिहार में महात्मा गांधी के पूर्व सापेक्ष राष्ट्रीय सक्रियता की अनुपस्थिति एकीकृत समुदाय के अभाव में देखी जाती थी। महात्मा गांधी बिहार के राजकुमार शुक्ल के कहने पर बिहार गये और वहां पर चम्पारन में भारतीय धरती पर पहले सत्याग्रह की शुरुआत की। वहां गांधी जी के सहयोगियों में ब्रजकिशोर, राजेन्द्र प्रसाद (जो बाद में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने), महादेव देसाई, नरहरि पारेख, जे. बी. कृपलानी थे। इसी के बाद बिहार का बुद्धिजीवी वर्ग राष्ट्रीय धारा से जुड़ गया।
A. बिहार में महात्मा गांधी के पूर्व सापेक्ष राष्ट्रीय सक्रियता की अनुपस्थिति एकीकृत समुदाय के अभाव में देखी जाती थी। महात्मा गांधी बिहार के राजकुमार शुक्ल के कहने पर बिहार गये और वहां पर चम्पारन में भारतीय धरती पर पहले सत्याग्रह की शुरुआत की। वहां गांधी जी के सहयोगियों में ब्रजकिशोर, राजेन्द्र प्रसाद (जो बाद में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने), महादेव देसाई, नरहरि पारेख, जे. बी. कृपलानी थे। इसी के बाद बिहार का बुद्धिजीवी वर्ग राष्ट्रीय धारा से जुड़ गया।

Explanations:

बिहार में महात्मा गांधी के पूर्व सापेक्ष राष्ट्रीय सक्रियता की अनुपस्थिति एकीकृत समुदाय के अभाव में देखी जाती थी। महात्मा गांधी बिहार के राजकुमार शुक्ल के कहने पर बिहार गये और वहां पर चम्पारन में भारतीय धरती पर पहले सत्याग्रह की शुरुआत की। वहां गांधी जी के सहयोगियों में ब्रजकिशोर, राजेन्द्र प्रसाद (जो बाद में स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति बने), महादेव देसाई, नरहरि पारेख, जे. बी. कृपलानी थे। इसी के बाद बिहार का बुद्धिजीवी वर्ग राष्ट्रीय धारा से जुड़ गया।