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Q: बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन हुआ -
  • A. सन् 1930 में
  • B. सन् 1931 में
  • C. सन् 1934 में
  • D. सन् 1939 में
Correct Answer: Option C - बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन सन् 1934 में पटना के अंजुमन इस्लामिया हॉल में हुआ था। बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव तथा सचिव जयप्रकाश नारायण थे। इसके अन्य सदस्यों में रामवृक्ष बेनीपुरी, गंगा शरण सिंहा, योगेन्द्र शुकल, अब्दुल बारी, कर्पुरी ठाकुर और बसावन सिंह आदि थे। आचार्य नरेन्द्र देव को भारतीय समाजवादी चिन्तन का ‘आदि पुरुष’ अर्थात् `मनु' कहा जा सकता है। `सोशलिज्म एण्ड नेशनल रिवोल्युशन' नरेन्द्र देव की पुस्तक है। महात्मा गांधी, जय प्रकाश नारायण को भारतीय समाजवाद का सबसे बड़ा विद्वान मानते थे। इनकी पुस्तक है-`समाजवाद-क्यों।
C. बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन सन् 1934 में पटना के अंजुमन इस्लामिया हॉल में हुआ था। बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव तथा सचिव जयप्रकाश नारायण थे। इसके अन्य सदस्यों में रामवृक्ष बेनीपुरी, गंगा शरण सिंहा, योगेन्द्र शुकल, अब्दुल बारी, कर्पुरी ठाकुर और बसावन सिंह आदि थे। आचार्य नरेन्द्र देव को भारतीय समाजवादी चिन्तन का ‘आदि पुरुष’ अर्थात् `मनु' कहा जा सकता है। `सोशलिज्म एण्ड नेशनल रिवोल्युशन' नरेन्द्र देव की पुस्तक है। महात्मा गांधी, जय प्रकाश नारायण को भारतीय समाजवाद का सबसे बड़ा विद्वान मानते थे। इनकी पुस्तक है-`समाजवाद-क्यों।

Explanations:

बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी का गठन सन् 1934 में पटना के अंजुमन इस्लामिया हॉल में हुआ था। बिहार कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष आचार्य नरेन्द्र देव तथा सचिव जयप्रकाश नारायण थे। इसके अन्य सदस्यों में रामवृक्ष बेनीपुरी, गंगा शरण सिंहा, योगेन्द्र शुकल, अब्दुल बारी, कर्पुरी ठाकुर और बसावन सिंह आदि थे। आचार्य नरेन्द्र देव को भारतीय समाजवादी चिन्तन का ‘आदि पुरुष’ अर्थात् `मनु' कहा जा सकता है। `सोशलिज्म एण्ड नेशनल रिवोल्युशन' नरेन्द्र देव की पुस्तक है। महात्मा गांधी, जय प्रकाश नारायण को भारतीय समाजवाद का सबसे बड़ा विद्वान मानते थे। इनकी पुस्तक है-`समाजवाद-क्यों।