Correct Answer:
Option A - चितरंजन दास की अध्यक्षता में 1922 के कांग्रेस के गया अधिवेशन में उराँव जनजाति ने भाग लिया था। उराँवों के प्रमुख नेता ‘ताना भगत’ रहे ने गुलाब तिवारी के नेतृत्व में भाग लिया था। हालांकि इस 37वें कांग्रेस अधिवेशन में संथाल के अलावा उराँव, खडि़या आदि कई जनजातियों के 800 से भी अधिक किसानों ने भाग लिया था।
A. चितरंजन दास की अध्यक्षता में 1922 के कांग्रेस के गया अधिवेशन में उराँव जनजाति ने भाग लिया था। उराँवों के प्रमुख नेता ‘ताना भगत’ रहे ने गुलाब तिवारी के नेतृत्व में भाग लिया था। हालांकि इस 37वें कांग्रेस अधिवेशन में संथाल के अलावा उराँव, खडि़या आदि कई जनजातियों के 800 से भी अधिक किसानों ने भाग लिया था।