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Q: बंगाल कला स्कूल के अग्रणी कौन थे?
  • A. बी. सी. सान्याल
  • B. अवनीन्द्रनाथ टैगोर
  • C. नंदलाल बोस
  • D. जामिनी रॉय
Correct Answer: Option B - • बंगाल कला स्कूल के अग्रणी कलाकार अवनीन्द्रनाथ टैगोर थे। • बंगाल शैली को ठाकुर शैली व पुनरुत्थान शैली भी कहा जाता है। इसे शुरु करने का श्रेय अवनीन्द्रनाथ टैगोर को जाता है साथ ही आधुनिक भारतीय कला की शुरूआत बंगाल स्कूल से होती है, बंगाल स्कूल की स्थापना सन् 1897 ई. मेें अवनीन्द्र नाथ टैगोर के प्रयासों से की गई थी इसी शैली से ‘वाश’ विधा की शुरूआत हुई थी। 1905 से 1920 ई. तक इस शैली का चरर्मोत्कर्ष रहा और इस शैली के कलाकारों ने अजन्ता कला शैली से काफी प्रेरणा ली थी।
B. • बंगाल कला स्कूल के अग्रणी कलाकार अवनीन्द्रनाथ टैगोर थे। • बंगाल शैली को ठाकुर शैली व पुनरुत्थान शैली भी कहा जाता है। इसे शुरु करने का श्रेय अवनीन्द्रनाथ टैगोर को जाता है साथ ही आधुनिक भारतीय कला की शुरूआत बंगाल स्कूल से होती है, बंगाल स्कूल की स्थापना सन् 1897 ई. मेें अवनीन्द्र नाथ टैगोर के प्रयासों से की गई थी इसी शैली से ‘वाश’ विधा की शुरूआत हुई थी। 1905 से 1920 ई. तक इस शैली का चरर्मोत्कर्ष रहा और इस शैली के कलाकारों ने अजन्ता कला शैली से काफी प्रेरणा ली थी।

Explanations:

• बंगाल कला स्कूल के अग्रणी कलाकार अवनीन्द्रनाथ टैगोर थे। • बंगाल शैली को ठाकुर शैली व पुनरुत्थान शैली भी कहा जाता है। इसे शुरु करने का श्रेय अवनीन्द्रनाथ टैगोर को जाता है साथ ही आधुनिक भारतीय कला की शुरूआत बंगाल स्कूल से होती है, बंगाल स्कूल की स्थापना सन् 1897 ई. मेें अवनीन्द्र नाथ टैगोर के प्रयासों से की गई थी इसी शैली से ‘वाश’ विधा की शुरूआत हुई थी। 1905 से 1920 ई. तक इस शैली का चरर्मोत्कर्ष रहा और इस शैली के कलाकारों ने अजन्ता कला शैली से काफी प्रेरणा ली थी।