Correct Answer:
Option A - आर्द्रताग्रहीत जल– यह पानी विद्युत-रासायनिक बलों के कारण मृदा के कणों से संयुक्त रहता है तथा गुरुत्व या केशिकीय बलों के कारण भी यह मृदा के कणों से अलग नहीं होता है। स्थायी गलन बिन्दु के नीचे मृदा में जल आर्द्रताग्राही जल होता है।
A. आर्द्रताग्रहीत जल– यह पानी विद्युत-रासायनिक बलों के कारण मृदा के कणों से संयुक्त रहता है तथा गुरुत्व या केशिकीय बलों के कारण भी यह मृदा के कणों से अलग नहीं होता है। स्थायी गलन बिन्दु के नीचे मृदा में जल आर्द्रताग्राही जल होता है।