Correct Answer:
Option A - चपटी पाद रेल (Flat footed rail)-
■ इसका निचला भाग पर्याप्त चपटा रखा जाता है ताकि यह बिना कुर्सी के स्लीपर पर स्थिर की जा सके और कुर्सी व चाबी की बचत की जा सकें।
■ भारी भार आने पर, लकड़ी के स्लीपर में धँस जाने की सम्भावना बनी रहती है, इसलिए ऐसी स्थिति में पाद के नीचे, स्लीपर व जोड़ो पर धारक प्लेट ( Bearing Plate) लगानी आवश्यक हो जाती है।
A. चपटी पाद रेल (Flat footed rail)-
■ इसका निचला भाग पर्याप्त चपटा रखा जाता है ताकि यह बिना कुर्सी के स्लीपर पर स्थिर की जा सके और कुर्सी व चाबी की बचत की जा सकें।
■ भारी भार आने पर, लकड़ी के स्लीपर में धँस जाने की सम्भावना बनी रहती है, इसलिए ऐसी स्थिति में पाद के नीचे, स्लीपर व जोड़ो पर धारक प्लेट ( Bearing Plate) लगानी आवश्यक हो जाती है।