Correct Answer:
Option C - अशोध्य ऋण– अशोध्य ऋण उन ऋणो या बकाया राशियों को कहते है जो अब वसूली योग्य नहीं मानी जाती है और उन्हें बट्टे खातें में डाल दिया जाना चाहिए। एक ग्राहक से अशोध्य ऋण वसूले जाने पर P & L Account में क्रेडिट किया जायेगा।
C. अशोध्य ऋण– अशोध्य ऋण उन ऋणो या बकाया राशियों को कहते है जो अब वसूली योग्य नहीं मानी जाती है और उन्हें बट्टे खातें में डाल दिया जाना चाहिए। एक ग्राहक से अशोध्य ऋण वसूले जाने पर P & L Account में क्रेडिट किया जायेगा।