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Q: Azolla gives a good bio-fertilizer when mixed with– निम्न में से किसके साथ मिलाने पर एजोला एक अच्छा उर्वरक बन जाता है?
  • A. Blue-green algae/नील हरित शैवाल
  • B. Bone meal/हड्डी का चूरा
  • C. Cow dung/गोबर
  • D. Urea/यूरिया
Correct Answer: Option A - एजोला नील हरित शैवाल के साथ मिलाने पर एक अच्छा उर्वरक होता है। एजोला एक जलीय फर्न है। इसकी जड़ों में साइनो जीवाणु एनाबिना एजोली पाया जाता है जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है। जैव-तकनीक के द्वारा धान की खेती में एजोला का प्रयोग किया जा रहा है। नील-हरित शैवाल प्रकाश-संश्लेषित नाइट्रोजन यौगिकीकारक है, क्योंकि नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करने के लिए ऊर्जा प्रकाश संश्लेषण के दौरान प्राप्त होती है। नील हरित शैवालों को साइनोबैक्टीरिया और स्वतंत्र निवास करने वाला जीवाणु भी कहते हैं।
A. एजोला नील हरित शैवाल के साथ मिलाने पर एक अच्छा उर्वरक होता है। एजोला एक जलीय फर्न है। इसकी जड़ों में साइनो जीवाणु एनाबिना एजोली पाया जाता है जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है। जैव-तकनीक के द्वारा धान की खेती में एजोला का प्रयोग किया जा रहा है। नील-हरित शैवाल प्रकाश-संश्लेषित नाइट्रोजन यौगिकीकारक है, क्योंकि नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करने के लिए ऊर्जा प्रकाश संश्लेषण के दौरान प्राप्त होती है। नील हरित शैवालों को साइनोबैक्टीरिया और स्वतंत्र निवास करने वाला जीवाणु भी कहते हैं।

Explanations:

एजोला नील हरित शैवाल के साथ मिलाने पर एक अच्छा उर्वरक होता है। एजोला एक जलीय फर्न है। इसकी जड़ों में साइनो जीवाणु एनाबिना एजोली पाया जाता है जो नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है। जैव-तकनीक के द्वारा धान की खेती में एजोला का प्रयोग किया जा रहा है। नील-हरित शैवाल प्रकाश-संश्लेषित नाइट्रोजन यौगिकीकारक है, क्योंकि नाइट्रोजन का यौगिकीकरण करने के लिए ऊर्जा प्रकाश संश्लेषण के दौरान प्राप्त होती है। नील हरित शैवालों को साइनोबैक्टीरिया और स्वतंत्र निवास करने वाला जीवाणु भी कहते हैं।