Correct Answer:
Option C - अव्ययपदं ‘वृथा’ अस्ति।
वृथा अव्ययपद है। कुछ क्रियाविशेषण स्व: आदि अव्ययों में गिनाया हुआ शब्द है, जैसे पृथक, विना, वृथा, आदि कुछ सर्वनामों से बनते हैं, जैसे-इदानीम, यथा, तया आदि। कुछ संख्यावाची शब्दो से बनते हैं। जैसे- एकधा, द्विधा, द्वि:त्रि: आदि। और कुछ संज्ञाओं में तद्धित प्रव्यय लगाकर जैसे- पुगवत, भस्मसात् आदि। इसके अतिरिक्त संज्ञाओं को द्वितीया के एकवचन में बहुधा क्रियाविशेषण- स्वरुप प्रयोग में लाते हैं।
जैसे - सत्यम्, सुखम् आदि।
C. अव्ययपदं ‘वृथा’ अस्ति।
वृथा अव्ययपद है। कुछ क्रियाविशेषण स्व: आदि अव्ययों में गिनाया हुआ शब्द है, जैसे पृथक, विना, वृथा, आदि कुछ सर्वनामों से बनते हैं, जैसे-इदानीम, यथा, तया आदि। कुछ संख्यावाची शब्दो से बनते हैं। जैसे- एकधा, द्विधा, द्वि:त्रि: आदि। और कुछ संज्ञाओं में तद्धित प्रव्यय लगाकर जैसे- पुगवत, भस्मसात् आदि। इसके अतिरिक्त संज्ञाओं को द्वितीया के एकवचन में बहुधा क्रियाविशेषण- स्वरुप प्रयोग में लाते हैं।
जैसे - सत्यम्, सुखम् आदि।