Correct Answer:
Option C - जगति मीनस्य निष्कारण वैरी ‘धीवर:’ भवति। अर्थात् संसार में मछली के अकारण शत्रु ‘मछवारे’ होते हैं।
संसार में हिरन मछली और सज्जन तिनका, जल और (बहेलिया) धीवर (मछुवारा) पिशुन (चुगुलखोर) ये विना कारण के ही शत्रु होते है।
C. जगति मीनस्य निष्कारण वैरी ‘धीवर:’ भवति। अर्थात् संसार में मछली के अकारण शत्रु ‘मछवारे’ होते हैं।
संसार में हिरन मछली और सज्जन तिनका, जल और (बहेलिया) धीवर (मछुवारा) पिशुन (चुगुलखोर) ये विना कारण के ही शत्रु होते है।