Correct Answer:
Option A - निम्न वाक्यों में से ‘कृष्णं अभित: गोपा: सन्ति’ वाक्य ही कारक की दृष्टि से शुद्ध है। इसमें अभित: के योग में द्वितीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है। सूत्र-वार्तिक-अभित: परित: -समया- निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि सूत्र से द्वितीया विभक्ति लगी है।
A. निम्न वाक्यों में से ‘कृष्णं अभित: गोपा: सन्ति’ वाक्य ही कारक की दृष्टि से शुद्ध है। इसमें अभित: के योग में द्वितीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है। सूत्र-वार्तिक-अभित: परित: -समया- निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि सूत्र से द्वितीया विभक्ति लगी है।