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Q: अधोलिखित वाक्यों में शुद्ध वाक्य है
  • A. कृष्णं अभित: गोपा: सन्ति
  • B. कृष्णेन अभित: गोपा: सन्ति
  • C. कृष्णाद् अभित: गोपा: सन्ति
  • D. कृष्णस्य अभित: गोपा सन्ति
Correct Answer: Option A - निम्न वाक्यों में से ‘कृष्णं अभित: गोपा: सन्ति’ वाक्य ही कारक की दृष्टि से शुद्ध है। इसमें अभित: के योग में द्वितीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है। सूत्र-वार्तिक-अभित: परित: -समया- निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि सूत्र से द्वितीया विभक्ति लगी है।
A. निम्न वाक्यों में से ‘कृष्णं अभित: गोपा: सन्ति’ वाक्य ही कारक की दृष्टि से शुद्ध है। इसमें अभित: के योग में द्वितीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है। सूत्र-वार्तिक-अभित: परित: -समया- निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि सूत्र से द्वितीया विभक्ति लगी है।

Explanations:

निम्न वाक्यों में से ‘कृष्णं अभित: गोपा: सन्ति’ वाक्य ही कारक की दृष्टि से शुद्ध है। इसमें अभित: के योग में द्वितीया विभक्ति का प्रयोग किया गया है। सूत्र-वार्तिक-अभित: परित: -समया- निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि सूत्र से द्वितीया विभक्ति लगी है।