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Q: Following creations were authored by Ziauddin Barani/निम्नलिखित कृतियाँ जियाउद्दीन बरनी के द्वारा लिखी गयी थीं─
  • A. Tarikh-e-Ferozshahi and Kiran-us-Saden तारीख-ए-फीरोजशाही और किरानुस्सादैन
  • B. Fatwa-e-Jahandari and Ashika फतवा-ए-जहाँदारी और आशिका
  • C. Tarikh-e-Ferozshahi and Fatwa-e-Jahandari तारीख-ए-फीरोजशाही और फतवा-ए-जहाँदारी
  • D. Futuh-us-Salatin and Tarikh-e-Ferozshahi फुतूहुस्सलातीन और तारीख-ए-फीरोजशाही
Correct Answer: Option C - दिल्ली सल्तनत के समकालीन इतिहासकारों में जियाउद्दीन बरनी सबसे महान इतिहासकार था। बरनी की रचनाओं में तारीख-ए-फिरोजशाही, फतवा-ए-जहाँदारी, हसरतनामा, सना-ए-मुहम्मदी आदि प्रमुख है। फतवा-ए-जहाँदारी राजनीति दर्शन का विशद वर्णन किया है। इस ग्रन्थ में आदर्श मुसलमान शासकों के गुणों का उल्लेख किया गया है। तारीख-ए-फिरोजशाही पुस्तक जहाँ से मिनहाज उस सिराज की पुस्तक तबकात-ए-नासिरी समाप्त होती है। वहीं से अपने इतिहास को लिखा है। इस पुस्तक में 1266 से लेकर 1357 ई. तक (फिरोजशाह के शासन के छठे वर्षों तक) दिल्ली के सुल्तानों का इतिहास है। इस पुस्तक की रचना बरनी ने भटनेर जेल में की थी। बरनी के अनुसार ‘‘दिल्ली सल्तनत एक नगरीय शासन व्यवस्था थी, जिसे एक विशाल खेतिहर समाज का शोषण सहारा देता था।’’ बरनी ने दिल्ली के सुल्तानों के अधीन भारत के शासन को वास्तव में इस्लामी नहीं माना क्योंकि अधिकांश आबादी गैर मुस्लिम का अनुसरण करती है। शम्स-ए-सिराज अफीफ की पुस्तक का नाम भी तारीख-ए-फिरोजशाही’ है।
C. दिल्ली सल्तनत के समकालीन इतिहासकारों में जियाउद्दीन बरनी सबसे महान इतिहासकार था। बरनी की रचनाओं में तारीख-ए-फिरोजशाही, फतवा-ए-जहाँदारी, हसरतनामा, सना-ए-मुहम्मदी आदि प्रमुख है। फतवा-ए-जहाँदारी राजनीति दर्शन का विशद वर्णन किया है। इस ग्रन्थ में आदर्श मुसलमान शासकों के गुणों का उल्लेख किया गया है। तारीख-ए-फिरोजशाही पुस्तक जहाँ से मिनहाज उस सिराज की पुस्तक तबकात-ए-नासिरी समाप्त होती है। वहीं से अपने इतिहास को लिखा है। इस पुस्तक में 1266 से लेकर 1357 ई. तक (फिरोजशाह के शासन के छठे वर्षों तक) दिल्ली के सुल्तानों का इतिहास है। इस पुस्तक की रचना बरनी ने भटनेर जेल में की थी। बरनी के अनुसार ‘‘दिल्ली सल्तनत एक नगरीय शासन व्यवस्था थी, जिसे एक विशाल खेतिहर समाज का शोषण सहारा देता था।’’ बरनी ने दिल्ली के सुल्तानों के अधीन भारत के शासन को वास्तव में इस्लामी नहीं माना क्योंकि अधिकांश आबादी गैर मुस्लिम का अनुसरण करती है। शम्स-ए-सिराज अफीफ की पुस्तक का नाम भी तारीख-ए-फिरोजशाही’ है।

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दिल्ली सल्तनत के समकालीन इतिहासकारों में जियाउद्दीन बरनी सबसे महान इतिहासकार था। बरनी की रचनाओं में तारीख-ए-फिरोजशाही, फतवा-ए-जहाँदारी, हसरतनामा, सना-ए-मुहम्मदी आदि प्रमुख है। फतवा-ए-जहाँदारी राजनीति दर्शन का विशद वर्णन किया है। इस ग्रन्थ में आदर्श मुसलमान शासकों के गुणों का उल्लेख किया गया है। तारीख-ए-फिरोजशाही पुस्तक जहाँ से मिनहाज उस सिराज की पुस्तक तबकात-ए-नासिरी समाप्त होती है। वहीं से अपने इतिहास को लिखा है। इस पुस्तक में 1266 से लेकर 1357 ई. तक (फिरोजशाह के शासन के छठे वर्षों तक) दिल्ली के सुल्तानों का इतिहास है। इस पुस्तक की रचना बरनी ने भटनेर जेल में की थी। बरनी के अनुसार ‘‘दिल्ली सल्तनत एक नगरीय शासन व्यवस्था थी, जिसे एक विशाल खेतिहर समाज का शोषण सहारा देता था।’’ बरनी ने दिल्ली के सुल्तानों के अधीन भारत के शासन को वास्तव में इस्लामी नहीं माना क्योंकि अधिकांश आबादी गैर मुस्लिम का अनुसरण करती है। शम्स-ए-सिराज अफीफ की पुस्तक का नाम भी तारीख-ए-फिरोजशाही’ है।