Correct Answer:
Option B - `वितन्वति क्षेममदेवमातृकाश्चिराय तस्मिन् कुरवश्चकासति' (किरातार्जुनीयम् प्रथम सर्ग का 17वाँ श्लोकांश है।) प्रस्तुत श्लोकांश में `अदेवमातृका:' शब्द का प्रयोग हुआ है जिसका अर्थ है - वर्षा के जल के सहारे न रहने वाले।
B. `वितन्वति क्षेममदेवमातृकाश्चिराय तस्मिन् कुरवश्चकासति' (किरातार्जुनीयम् प्रथम सर्ग का 17वाँ श्लोकांश है।) प्रस्तुत श्लोकांश में `अदेवमातृका:' शब्द का प्रयोग हुआ है जिसका अर्थ है - वर्षा के जल के सहारे न रहने वाले।