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Q: अत्र अशुद्धवाक्यमस्ति –
  • A. अलं विवादेन
  • B. कर्णेन बधिर:
  • C. कस्मै बालकाय फलं रोचते
  • D. एतस्मै ब्राह्मणं धनं ददाति
Correct Answer: Option D - अत्र ‘एतस्मै ब्राह्मणं धनं ददाति’ अशुद्धवाक्यम् अस्ति। अर्थात् यहाँ ‘एतस्मै ब्राह्मणं धनं ददाति’ अशुद्ध वाक्य है। क्योंकि दान कर्म (क्रिया) से जिसको सन्तुष्ट किया जाता है उसकी ‘कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्’ सूत्र से सम्प्रदान संज्ञा होकर चतुर्थी का विधान होता है अत: प्रश्नानुसार विकल्प (d) सही है अन्य शेष विकल्प समीचीन नहीं है।
D. अत्र ‘एतस्मै ब्राह्मणं धनं ददाति’ अशुद्धवाक्यम् अस्ति। अर्थात् यहाँ ‘एतस्मै ब्राह्मणं धनं ददाति’ अशुद्ध वाक्य है। क्योंकि दान कर्म (क्रिया) से जिसको सन्तुष्ट किया जाता है उसकी ‘कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्’ सूत्र से सम्प्रदान संज्ञा होकर चतुर्थी का विधान होता है अत: प्रश्नानुसार विकल्प (d) सही है अन्य शेष विकल्प समीचीन नहीं है।

Explanations:

अत्र ‘एतस्मै ब्राह्मणं धनं ददाति’ अशुद्धवाक्यम् अस्ति। अर्थात् यहाँ ‘एतस्मै ब्राह्मणं धनं ददाति’ अशुद्ध वाक्य है। क्योंकि दान कर्म (क्रिया) से जिसको सन्तुष्ट किया जाता है उसकी ‘कर्मणा यमभिप्रैति स सम्प्रदानम्’ सूत्र से सम्प्रदान संज्ञा होकर चतुर्थी का विधान होता है अत: प्रश्नानुसार विकल्प (d) सही है अन्य शेष विकल्प समीचीन नहीं है।