Correct Answer:
Option C - 1906 में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आई.एन.सी.) के कलकत्ता अधिवेशन में भारत के लिए स्वराज का झण्डा दादाभाई नौरोजी द्वारा फहराया गया था। दादाभाई नौरोजी ब्रिटिश कालीन भारत के एक पारसी बुद्धिजीवी, शिक्षाशास्री, कपास के व्यापारी तथा आरम्भिक राजनैतिक एवं सामाजिक नेता थे। उन्हें भारत के ‘ग्रैंड ओल्ड मैन’ और ‘भारतीय राष्ट्रवाद के जनक’ के रूप में भी जाना जाता है। ये ब्रिटिश संसद के सदस्य के रूप में चुने जाने वाले पहले भारतीय थे। धन निष्कासन का सिद्धान्त इनके द्वारा प्रतिपादित किया गया था।
C. 1906 में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस (आई.एन.सी.) के कलकत्ता अधिवेशन में भारत के लिए स्वराज का झण्डा दादाभाई नौरोजी द्वारा फहराया गया था। दादाभाई नौरोजी ब्रिटिश कालीन भारत के एक पारसी बुद्धिजीवी, शिक्षाशास्री, कपास के व्यापारी तथा आरम्भिक राजनैतिक एवं सामाजिक नेता थे। उन्हें भारत के ‘ग्रैंड ओल्ड मैन’ और ‘भारतीय राष्ट्रवाद के जनक’ के रूप में भी जाना जाता है। ये ब्रिटिश संसद के सदस्य के रूप में चुने जाने वाले पहले भारतीय थे। धन निष्कासन का सिद्धान्त इनके द्वारा प्रतिपादित किया गया था।