Correct Answer:
Option A - अभिकारक अणुओं की औसत ऊर्जा से अधिक वह निश्चित न्यूनतम ऊर्जा जो अणुओ के टकराने पर अभिक्रिया होने के लिए अणुओ में उपस्थित होना अनिवार्य है, अभिक्रिया की संक्रियण ऊर्जा (Activation Energy Ea) कहलाती है। किसी अभिक्रिया के लिए संक्रियण ऊर्जा का मान निश्चित और स्थिर होता है, जो अभिक्रिया के ताप या अभिकारकों की सान्द्रता पर निर्भर नहीं करता है। किसी रासायनिक अभिक्रिया के वेग स्थिरांक का मान निश्चित ताप पर निश्चित और स्थिर होता है।
किसी दिये गये ताप पर दो क्रिया कारकों की संक्रियण ऊर्जा तब समान होती है जब दोनो अभिक्रियाओं के विशिष्ट अभिक्रिया दर स्थिरांक समान होती है।
A. अभिकारक अणुओं की औसत ऊर्जा से अधिक वह निश्चित न्यूनतम ऊर्जा जो अणुओ के टकराने पर अभिक्रिया होने के लिए अणुओ में उपस्थित होना अनिवार्य है, अभिक्रिया की संक्रियण ऊर्जा (Activation Energy Ea) कहलाती है। किसी अभिक्रिया के लिए संक्रियण ऊर्जा का मान निश्चित और स्थिर होता है, जो अभिक्रिया के ताप या अभिकारकों की सान्द्रता पर निर्भर नहीं करता है। किसी रासायनिक अभिक्रिया के वेग स्थिरांक का मान निश्चित ताप पर निश्चित और स्थिर होता है।
किसी दिये गये ताप पर दो क्रिया कारकों की संक्रियण ऊर्जा तब समान होती है जब दोनो अभिक्रियाओं के विशिष्ट अभिक्रिया दर स्थिरांक समान होती है।