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Q: Ashokan inscriptions show that royal writ ran throughout the country except the part of अशोक के अभिलेखों से दिखता है कि राजाज्ञाएँ सम्पूर्ण राज्य में मानी जाती थी केवल एक भाग को छोड़कर
  • A. East / पूर्वी भाग
  • B. West / पश्चिमी भाग
  • C. North / उत्तरी भाग
  • D. South / दक्षिणी भाग
Correct Answer: Option A - मौर्य साम्राज्य का सीमा विस्तार एवं राजाज्ञाएँ अशोक के अभिलेख के आधार पर निर्धारित किये जाते हैं। अब तक अशोक के 40 से अधिक अभिलेख विभिन्न स्थानों से प्राप्त हो चुके हैं। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में शाहबाजगढ़ी तथा मानसेहरा (पेशावर पाकिस्तान) और शर-ए-कुना, लघमान (अफगानिस्तान) से तथा उत्तरी क्षेत्र में कालसी (देहरादून) एवं रूमिन्ददेई से तथा दक्षिणी भाग में ब्रम्हगिरि, मास्की, सिद्धपुर (कर्नाटक) से एवं पश्चिम में जूनागढ़ (गिरनार) गुजरात से, पूर्वी क्षेत्र में केवल कलिंग एवं जौगढ़ (उड़ीसा) से प्राप्त होता है। अशोक के अभिलेख दक्षिणी भाग से मिलते हैं, लेकिन सुदूर दक्षिण (केरल, तमिलनाडु) तथा पूर्वी भाग बंगाल असम आदि एवं पूर्वाेत्तर भारत से नहीं प्राप्त होते हैं। अर्थात् उसकी राजाज्ञाएँ पूर्वी भाग छोड़कर समस्त राज्य में मानी जाती थी।
A. मौर्य साम्राज्य का सीमा विस्तार एवं राजाज्ञाएँ अशोक के अभिलेख के आधार पर निर्धारित किये जाते हैं। अब तक अशोक के 40 से अधिक अभिलेख विभिन्न स्थानों से प्राप्त हो चुके हैं। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में शाहबाजगढ़ी तथा मानसेहरा (पेशावर पाकिस्तान) और शर-ए-कुना, लघमान (अफगानिस्तान) से तथा उत्तरी क्षेत्र में कालसी (देहरादून) एवं रूमिन्ददेई से तथा दक्षिणी भाग में ब्रम्हगिरि, मास्की, सिद्धपुर (कर्नाटक) से एवं पश्चिम में जूनागढ़ (गिरनार) गुजरात से, पूर्वी क्षेत्र में केवल कलिंग एवं जौगढ़ (उड़ीसा) से प्राप्त होता है। अशोक के अभिलेख दक्षिणी भाग से मिलते हैं, लेकिन सुदूर दक्षिण (केरल, तमिलनाडु) तथा पूर्वी भाग बंगाल असम आदि एवं पूर्वाेत्तर भारत से नहीं प्राप्त होते हैं। अर्थात् उसकी राजाज्ञाएँ पूर्वी भाग छोड़कर समस्त राज्य में मानी जाती थी।

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मौर्य साम्राज्य का सीमा विस्तार एवं राजाज्ञाएँ अशोक के अभिलेख के आधार पर निर्धारित किये जाते हैं। अब तक अशोक के 40 से अधिक अभिलेख विभिन्न स्थानों से प्राप्त हो चुके हैं। उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में शाहबाजगढ़ी तथा मानसेहरा (पेशावर पाकिस्तान) और शर-ए-कुना, लघमान (अफगानिस्तान) से तथा उत्तरी क्षेत्र में कालसी (देहरादून) एवं रूमिन्ददेई से तथा दक्षिणी भाग में ब्रम्हगिरि, मास्की, सिद्धपुर (कर्नाटक) से एवं पश्चिम में जूनागढ़ (गिरनार) गुजरात से, पूर्वी क्षेत्र में केवल कलिंग एवं जौगढ़ (उड़ीसा) से प्राप्त होता है। अशोक के अभिलेख दक्षिणी भाग से मिलते हैं, लेकिन सुदूर दक्षिण (केरल, तमिलनाडु) तथा पूर्वी भाग बंगाल असम आदि एवं पूर्वाेत्तर भारत से नहीं प्राप्त होते हैं। अर्थात् उसकी राजाज्ञाएँ पूर्वी भाग छोड़कर समस्त राज्य में मानी जाती थी।