Correct Answer:
Option C - अर्द्ध चालक की चालकता को बढ़ाने का एक उपाय उसमें अणुओं को जोड़कर (मिलकर) बढ़ाया जा सकता है। शुद्ध अर्द्ध चालक न तो अच्छा चालक ही है और न तो अच्छा कुचालक है इसकी प्रतिरोधकता का मान चालक और कुचालक के मध्य रहता है। इसलिए इसकी चालकता को बढ़ाने के लिए उसमें अशुद्धियाँ मिलायी जाती है। ये अशुद्धियाँ निम्न हैं–
जैसे–Al, Bi, In, P, As, Sb etc.
C. अर्द्ध चालक की चालकता को बढ़ाने का एक उपाय उसमें अणुओं को जोड़कर (मिलकर) बढ़ाया जा सकता है। शुद्ध अर्द्ध चालक न तो अच्छा चालक ही है और न तो अच्छा कुचालक है इसकी प्रतिरोधकता का मान चालक और कुचालक के मध्य रहता है। इसलिए इसकी चालकता को बढ़ाने के लिए उसमें अशुद्धियाँ मिलायी जाती है। ये अशुद्धियाँ निम्न हैं–
जैसे–Al, Bi, In, P, As, Sb etc.