search
Q: ‘‘अर्थे सत्यर्थं भिन्नानां वर्णानां सा पुन: श्रुति:’’ यह लक्षण है
  • A. अनुप्रास का
  • B. यमक का
  • C. श्लेष का
  • D. उपमा का
Correct Answer: Option B - ‘अर्थे सत्यर्थभिन्नानां वर्णानां सा पुन: श्रुति:’ अर्थात् - अर्थ होने पर (नियमेन) भिन्नार्थक वर्णों की उसी क्रम से (सा) पुन: श्रवण (पुनरावृत्ति) यमक नामक अलंकार कहलाता है।
B. ‘अर्थे सत्यर्थभिन्नानां वर्णानां सा पुन: श्रुति:’ अर्थात् - अर्थ होने पर (नियमेन) भिन्नार्थक वर्णों की उसी क्रम से (सा) पुन: श्रवण (पुनरावृत्ति) यमक नामक अलंकार कहलाता है।

Explanations:

‘अर्थे सत्यर्थभिन्नानां वर्णानां सा पुन: श्रुति:’ अर्थात् - अर्थ होने पर (नियमेन) भिन्नार्थक वर्णों की उसी क्रम से (सा) पुन: श्रवण (पुनरावृत्ति) यमक नामक अलंकार कहलाता है।