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Q: ‘अर्थो हि कन्या परकीय एव’ इति वाक्यस्य कर्त्ता वर्तते।
  • A. माघ;
  • B. श्रीहर्ष;
  • C. कालिदास:
  • D. उपर्युक्तेषु एकस्मादधिक:
  • E. उपर्युक्तेषु किञ्चन् अपि नास्ति
Correct Answer: Option C - ‘अर्थो हि कन्या परकीय एव’ इति वाक्यस्य कर्त्ता ‘कालिदास:’ वर्तते। अर्थात् इस वाक्य के कर्त्ता महाकवि कालिदास है। यह वाक्य अभिज्ञान के चतुर्थ अंङ्को के अन्तिम श्लोक से है। कण्व का कथन - अर्थो हि कन्या परकीय एवं तामद्य सम्प्रेष्य परिगृहीतु:। जातो ममायं विशद: प्रकामं प्रत्यर्पितन्यास इवान्तरात्मा।। (इन्द्रवज्रा छन्द)
C. ‘अर्थो हि कन्या परकीय एव’ इति वाक्यस्य कर्त्ता ‘कालिदास:’ वर्तते। अर्थात् इस वाक्य के कर्त्ता महाकवि कालिदास है। यह वाक्य अभिज्ञान के चतुर्थ अंङ्को के अन्तिम श्लोक से है। कण्व का कथन - अर्थो हि कन्या परकीय एवं तामद्य सम्प्रेष्य परिगृहीतु:। जातो ममायं विशद: प्रकामं प्रत्यर्पितन्यास इवान्तरात्मा।। (इन्द्रवज्रा छन्द)

Explanations:

‘अर्थो हि कन्या परकीय एव’ इति वाक्यस्य कर्त्ता ‘कालिदास:’ वर्तते। अर्थात् इस वाक्य के कर्त्ता महाकवि कालिदास है। यह वाक्य अभिज्ञान के चतुर्थ अंङ्को के अन्तिम श्लोक से है। कण्व का कथन - अर्थो हि कन्या परकीय एवं तामद्य सम्प्रेष्य परिगृहीतु:। जातो ममायं विशद: प्रकामं प्रत्यर्पितन्यास इवान्तरात्मा।। (इन्द्रवज्रा छन्द)