Correct Answer:
Option B - भारत का निर्वाचन आयोग एक स्थायी संवैधानिक निकाय है। इसका वर्णन भारतीय संविधान के अनुच्छेद (324-329) में किया गया है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 324 ‘निर्वाचनों’ के लिए मतदाता सूची तैयार कराने और चुनाव के संचालन का अधीक्षक निर्देशन और नियंत्रण का अधिकार स्वतंत्र निर्वाचन आयोग को देता है।
भारत का निर्वाचन आयोग एक सदस्यीय या बहु-सदस्यीय भी हो सकता है। 1989 तक, निर्वाचन आयोग एक-सदस्यीय था। 1989 के आम चुनावों के ठीक पहले, दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों का नियुक्त कर इसे बहु-सदस्यीय बना दिया गया। चुनावों के बाद उसे फिर एक सदस्यीय बना दिया गया। 1993 में पुन: दो निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति हुई और निर्वाचन आयोग बहु-सदस्यीय हो गया; तब से यह बहु-सदस्यीय बना हुआ है।
संविधान मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों के कार्यकाल की सुरक्षा देता है। उन्हें 6 वर्षों के लिए अथवा 65 वर्ष की आयु तक (जो पहले खत्म हो) के लिए नियुक्त किया जाता है।
B. भारत का निर्वाचन आयोग एक स्थायी संवैधानिक निकाय है। इसका वर्णन भारतीय संविधान के अनुच्छेद (324-329) में किया गया है।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 324 ‘निर्वाचनों’ के लिए मतदाता सूची तैयार कराने और चुनाव के संचालन का अधीक्षक निर्देशन और नियंत्रण का अधिकार स्वतंत्र निर्वाचन आयोग को देता है।
भारत का निर्वाचन आयोग एक सदस्यीय या बहु-सदस्यीय भी हो सकता है। 1989 तक, निर्वाचन आयोग एक-सदस्यीय था। 1989 के आम चुनावों के ठीक पहले, दो अन्य निर्वाचन आयुक्तों का नियुक्त कर इसे बहु-सदस्यीय बना दिया गया। चुनावों के बाद उसे फिर एक सदस्यीय बना दिया गया। 1993 में पुन: दो निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति हुई और निर्वाचन आयोग बहु-सदस्यीय हो गया; तब से यह बहु-सदस्यीय बना हुआ है।
संविधान मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों के कार्यकाल की सुरक्षा देता है। उन्हें 6 वर्षों के लिए अथवा 65 वर्ष की आयु तक (जो पहले खत्म हो) के लिए नियुक्त किया जाता है।