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Q: अरोरा बोरियालिस होता है
  • A. बहिर्मंडल में
  • B. आयनमंडल में
  • C. ओ़जोनमंडल में
  • D. समतापमंडल में
Correct Answer: Option B - औरोरा बोरियालिस आयनमण्डल में होता है। • आयनमण्डल में हवा विद्युत आवेशित होती है अत: इस मण्डल में वायु के कण विद्युत विसर्जन के कारण चमकने लगते है यह प्रकाश मुख्य रूप से चुम्बकीय ध्रुवों पर ही पाया जाता है तथा पृथ्वी के चुम्बकीय उपद्रवों से इसका घनिष्ठ सम्बन्ध है। ध्रुवीय प्रकाश पर सूर्य के धब्बों के परिवर्तन का भी काफी प्रभाव पड़ता है। अत: सूर्य के विद्युत विसर्जन से भी यह प्रकाश सम्बन्धित है। उत्तरी गोलार्द्ध में इस प्रकाश को उत्तरी ध्रुवीय प्रकाश (अरोरा बोरियालिस) एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणी ध्रुवीय प्रकाश (अरोरा आस्ट्रालिस) कहा जाता है।
B. औरोरा बोरियालिस आयनमण्डल में होता है। • आयनमण्डल में हवा विद्युत आवेशित होती है अत: इस मण्डल में वायु के कण विद्युत विसर्जन के कारण चमकने लगते है यह प्रकाश मुख्य रूप से चुम्बकीय ध्रुवों पर ही पाया जाता है तथा पृथ्वी के चुम्बकीय उपद्रवों से इसका घनिष्ठ सम्बन्ध है। ध्रुवीय प्रकाश पर सूर्य के धब्बों के परिवर्तन का भी काफी प्रभाव पड़ता है। अत: सूर्य के विद्युत विसर्जन से भी यह प्रकाश सम्बन्धित है। उत्तरी गोलार्द्ध में इस प्रकाश को उत्तरी ध्रुवीय प्रकाश (अरोरा बोरियालिस) एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणी ध्रुवीय प्रकाश (अरोरा आस्ट्रालिस) कहा जाता है।

Explanations:

औरोरा बोरियालिस आयनमण्डल में होता है। • आयनमण्डल में हवा विद्युत आवेशित होती है अत: इस मण्डल में वायु के कण विद्युत विसर्जन के कारण चमकने लगते है यह प्रकाश मुख्य रूप से चुम्बकीय ध्रुवों पर ही पाया जाता है तथा पृथ्वी के चुम्बकीय उपद्रवों से इसका घनिष्ठ सम्बन्ध है। ध्रुवीय प्रकाश पर सूर्य के धब्बों के परिवर्तन का भी काफी प्रभाव पड़ता है। अत: सूर्य के विद्युत विसर्जन से भी यह प्रकाश सम्बन्धित है। उत्तरी गोलार्द्ध में इस प्रकाश को उत्तरी ध्रुवीय प्रकाश (अरोरा बोरियालिस) एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिणी ध्रुवीय प्रकाश (अरोरा आस्ट्रालिस) कहा जाता है।