Correct Answer:
Option D - अरण्डी के पेड़ों पर पाये जाने वाले कीड़ों से एरी रेशम का निर्माण होता है।
अरण्डी के पौधे छत्तीसगढ़ में बहुतायत से प्राप्त होते हैं और इसमें रेशम पालन एरी की अच्छी संभावनाएं छिपी है। छत्तीसगढ़ में इसी तरह शहतूत के पौधों पर कोसा कृमि पालन का कार्य किया जाता है। ये रेशम कीट अपने जीवन को बनाए रखने के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कैकून का निर्माण करते हैं।
छत्तीसगढ़ के रायपुर के कसारे पन्या सिल्क मिल में एरी सहित विभिन्न प्रजाति के पौधों से प्राप्त कैकूनो से आधुनिक मशीनों के माध्यम से उत्कृष्ट कोटि के रेशम धागे बनाने का कार्य किया जाता है।
D. अरण्डी के पेड़ों पर पाये जाने वाले कीड़ों से एरी रेशम का निर्माण होता है।
अरण्डी के पौधे छत्तीसगढ़ में बहुतायत से प्राप्त होते हैं और इसमें रेशम पालन एरी की अच्छी संभावनाएं छिपी है। छत्तीसगढ़ में इसी तरह शहतूत के पौधों पर कोसा कृमि पालन का कार्य किया जाता है। ये रेशम कीट अपने जीवन को बनाए रखने के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कैकून का निर्माण करते हैं।
छत्तीसगढ़ के रायपुर के कसारे पन्या सिल्क मिल में एरी सहित विभिन्न प्रजाति के पौधों से प्राप्त कैकूनो से आधुनिक मशीनों के माध्यम से उत्कृष्ट कोटि के रेशम धागे बनाने का कार्य किया जाता है।