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Q: ‘अपूर्व: कोऽपि कोशोऽयं विद्यते तव भारति’–यहाँ पर ‘भारित’ पद है–
  • A. सम्बोधनम्
  • B. अपादानम्
  • C. अधिकरणम्
  • D. सम्प्रदानम्
Correct Answer: Option A - ‘अपूर्व: कोऽपि कोशोऽयं विद्यते तव भारति’–यहाँ पर ‘भारित’ पद में सम्बोधन का प्रयोग किया गया है। जिसे पुकारा या आकृष्ट किया जाता है, वह सम्बोधन होता है। सम्बोधन में ‘प्रथमा’ विभक्ति होती है। इसका चिन्ह है, भो, अरे, है।
A. ‘अपूर्व: कोऽपि कोशोऽयं विद्यते तव भारति’–यहाँ पर ‘भारित’ पद में सम्बोधन का प्रयोग किया गया है। जिसे पुकारा या आकृष्ट किया जाता है, वह सम्बोधन होता है। सम्बोधन में ‘प्रथमा’ विभक्ति होती है। इसका चिन्ह है, भो, अरे, है।

Explanations:

‘अपूर्व: कोऽपि कोशोऽयं विद्यते तव भारति’–यहाँ पर ‘भारित’ पद में सम्बोधन का प्रयोग किया गया है। जिसे पुकारा या आकृष्ट किया जाता है, वह सम्बोधन होता है। सम्बोधन में ‘प्रथमा’ विभक्ति होती है। इसका चिन्ह है, भो, अरे, है।