Correct Answer:
Option B - सिंचाई विधि में फसलो को बीजो के अंकुरण से लेकर पौधो की उत्पत्ति बढ़ोत्तरी तथा पकने तक निश्चित अन्तराल पर उचित मात्रा में पानी की आपूर्ति की जाती है जिससे फसल की उपज को बढ़ाया जा सके।
सिंचाई प्रणाली के लाभ-
(i) अन्नोत्पादन में बढ़ोत्तरी-सिंचाई से फसले अच्छी होती है और अधिक अन्नोत्पादन होता है
(ii) मूल्यवान फसलो की उपज-सुनिश्चित सिंचाई व्यवस्था से खेतो पर मूल्यवान नकदी फसले जैसे गन्ना, कपास, तम्बाकू, इत्यादि उगायी जा सकती है तथा फलो के बाग भी लगाये जा सकते है।
(iii) किसानो की आर्थिक दशा में सुधार- अधिक अन्नोत्पादन से कृषकों की अधिक धन मिलता है जिससे उनकी आर्थिक दशा में सुधार होता है
B. सिंचाई विधि में फसलो को बीजो के अंकुरण से लेकर पौधो की उत्पत्ति बढ़ोत्तरी तथा पकने तक निश्चित अन्तराल पर उचित मात्रा में पानी की आपूर्ति की जाती है जिससे फसल की उपज को बढ़ाया जा सके।
सिंचाई प्रणाली के लाभ-
(i) अन्नोत्पादन में बढ़ोत्तरी-सिंचाई से फसले अच्छी होती है और अधिक अन्नोत्पादन होता है
(ii) मूल्यवान फसलो की उपज-सुनिश्चित सिंचाई व्यवस्था से खेतो पर मूल्यवान नकदी फसले जैसे गन्ना, कपास, तम्बाकू, इत्यादि उगायी जा सकती है तथा फलो के बाग भी लगाये जा सकते है।
(iii) किसानो की आर्थिक दशा में सुधार- अधिक अन्नोत्पादन से कृषकों की अधिक धन मिलता है जिससे उनकी आर्थिक दशा में सुधार होता है