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Q: अजंता गुफाओं का कब पता चला?
  • A. 1825
  • B. 1820
  • C. 1827
  • D. 1819
Correct Answer: Option D - • अजंता गुफा की खोज 1819 ई. में ‘जॉन स्मिथ’ ने किया। • अंजता गुफा चित्रों पर सर्वप्रथम लेख विलियम एरिक्सन ने तैयार किया, जिसे बाम्बें लिटरेरी सोसाइटी में पढ़ा गया। • ‘जेम्स ई. अलेक्जेन्डर’ ने 1824 में अजंता गुफा को देखा और ‘रॉयल सोसाइटी लंदन’ को इनका परिचय भेजा परन्तु फिर भी सन् 1843ई. तक इन गुफाओं की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। • सन् 1843 में ‘जेम्स फग्र्युसन’ ने चार वर्षों तक अजंता चित्रों का अध्ययन कर पहला शोधपूर्ण विवरण, रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एण्ड आयरलैण्ड की सभा में पढ़ कर सुनाया। • सन् 1844 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी के निवेदन पर इंग्लैण्ड की सरकार ने कुशल चित्रकार ‘ मेजर राबर्ट गिल’ को 1847 में अजंता के चित्रों की अनुकृतियाँ बनाने के लिये भारत भेजा। • 1872 ई. से 1876 ई. के मध्य सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट के प्राचार्य ‘मिस्टर जॉन ग्रिफिथ्स’ ने अपने शिष्यों के साथ अजंता गुफा की प्रतिकृतियां बनाई, जो दो जिल्दों में प्रकाशित हुई।
D. • अजंता गुफा की खोज 1819 ई. में ‘जॉन स्मिथ’ ने किया। • अंजता गुफा चित्रों पर सर्वप्रथम लेख विलियम एरिक्सन ने तैयार किया, जिसे बाम्बें लिटरेरी सोसाइटी में पढ़ा गया। • ‘जेम्स ई. अलेक्जेन्डर’ ने 1824 में अजंता गुफा को देखा और ‘रॉयल सोसाइटी लंदन’ को इनका परिचय भेजा परन्तु फिर भी सन् 1843ई. तक इन गुफाओं की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। • सन् 1843 में ‘जेम्स फग्र्युसन’ ने चार वर्षों तक अजंता चित्रों का अध्ययन कर पहला शोधपूर्ण विवरण, रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एण्ड आयरलैण्ड की सभा में पढ़ कर सुनाया। • सन् 1844 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी के निवेदन पर इंग्लैण्ड की सरकार ने कुशल चित्रकार ‘ मेजर राबर्ट गिल’ को 1847 में अजंता के चित्रों की अनुकृतियाँ बनाने के लिये भारत भेजा। • 1872 ई. से 1876 ई. के मध्य सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट के प्राचार्य ‘मिस्टर जॉन ग्रिफिथ्स’ ने अपने शिष्यों के साथ अजंता गुफा की प्रतिकृतियां बनाई, जो दो जिल्दों में प्रकाशित हुई।

Explanations:

• अजंता गुफा की खोज 1819 ई. में ‘जॉन स्मिथ’ ने किया। • अंजता गुफा चित्रों पर सर्वप्रथम लेख विलियम एरिक्सन ने तैयार किया, जिसे बाम्बें लिटरेरी सोसाइटी में पढ़ा गया। • ‘जेम्स ई. अलेक्जेन्डर’ ने 1824 में अजंता गुफा को देखा और ‘रॉयल सोसाइटी लंदन’ को इनका परिचय भेजा परन्तु फिर भी सन् 1843ई. तक इन गुफाओं की ओर किसी का ध्यान नहीं गया। • सन् 1843 में ‘जेम्स फग्र्युसन’ ने चार वर्षों तक अजंता चित्रों का अध्ययन कर पहला शोधपूर्ण विवरण, रॉयल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ ग्रेट ब्रिटेन एण्ड आयरलैण्ड की सभा में पढ़ कर सुनाया। • सन् 1844 ई. में ईस्ट इंडिया कम्पनी के निवेदन पर इंग्लैण्ड की सरकार ने कुशल चित्रकार ‘ मेजर राबर्ट गिल’ को 1847 में अजंता के चित्रों की अनुकृतियाँ बनाने के लिये भारत भेजा। • 1872 ई. से 1876 ई. के मध्य सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट के प्राचार्य ‘मिस्टर जॉन ग्रिफिथ्स’ ने अपने शिष्यों के साथ अजंता गुफा की प्रतिकृतियां बनाई, जो दो जिल्दों में प्रकाशित हुई।