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Q: अहंकारदाहज्वरमूर्च्छिता का भवति?
  • A. राजप्रकृति:
  • B. राजनीति:
  • C. राजमहिषी
  • D. राजकन्या
Correct Answer: Option A - अहंकारदाहज्वरमूर्च्छिता राजप्रकृति: भवति। यह कथन शुकनासोपदेश का है। राजा का स्वभाव अभिमान रूपी तीव्रताप से उत्पन्न होने वाली मूर्च्छि के कारण अन्धकार तुल्य बना हुआ एवं व्याकुल रहता है। ‘अहङ्कारदाह ज्वर मूर्च्छितान्ध कारिता विह्वला हि राजप्रकृति:।’
A. अहंकारदाहज्वरमूर्च्छिता राजप्रकृति: भवति। यह कथन शुकनासोपदेश का है। राजा का स्वभाव अभिमान रूपी तीव्रताप से उत्पन्न होने वाली मूर्च्छि के कारण अन्धकार तुल्य बना हुआ एवं व्याकुल रहता है। ‘अहङ्कारदाह ज्वर मूर्च्छितान्ध कारिता विह्वला हि राजप्रकृति:।’

Explanations:

अहंकारदाहज्वरमूर्च्छिता राजप्रकृति: भवति। यह कथन शुकनासोपदेश का है। राजा का स्वभाव अभिमान रूपी तीव्रताप से उत्पन्न होने वाली मूर्च्छि के कारण अन्धकार तुल्य बना हुआ एवं व्याकुल रहता है। ‘अहङ्कारदाह ज्वर मूर्च्छितान्ध कारिता विह्वला हि राजप्रकृति:।’