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Q: ‘अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता’ इतीयमुक्तिरस्ति–
  • A. वनेचरस्य
  • B. युधिष्ठिरस्य
  • C. द्रौपद्या:
  • D. भीमसेनस्य
Correct Answer: Option A - ‘अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता’ इतीयम् ‘वनेचरस्य’ उक्तिरस्ति। यह सूक्ति महाकवि भारवि के किरातार्जुनीयम् के प्रथम अंक से है जिसका अर्थ है- बलवान के साथ विरोध करने का परिणाम दु:खदायी होता है।
A. ‘अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता’ इतीयम् ‘वनेचरस्य’ उक्तिरस्ति। यह सूक्ति महाकवि भारवि के किरातार्जुनीयम् के प्रथम अंक से है जिसका अर्थ है- बलवान के साथ विरोध करने का परिणाम दु:खदायी होता है।

Explanations:

‘अहो दुरन्ता बलवद्विरोधिता’ इतीयम् ‘वनेचरस्य’ उक्तिरस्ति। यह सूक्ति महाकवि भारवि के किरातार्जुनीयम् के प्रथम अंक से है जिसका अर्थ है- बलवान के साथ विरोध करने का परिणाम दु:खदायी होता है।