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Q: ‘‘अग्निगर्भांं शमीमिव’’ यह उपमा दी गयी है
  • A. शकुन्तला की
  • B. गोतमी
  • C. प्रियंवदा की
  • D. अनसूया की
Correct Answer: Option A - ‘‘अग्निगर्भां शमीमिव’’ यह उपमा शकुन्तला के लिए दी गयी है। अर्थात् -जिस प्रकार शमी वृक्ष के अन्दर अग्नि होती है, उसी प्रकार शकुन्तला में भी तेजोमय जीव गर्भ में है। यह अभिज्ञानशाकुन्तलम् नाटक के चतुर्थ अङ्क में वर्णित है। जिसमें दुष्यन्त नायक तथा शकुन्तला नायिका है।
A. ‘‘अग्निगर्भां शमीमिव’’ यह उपमा शकुन्तला के लिए दी गयी है। अर्थात् -जिस प्रकार शमी वृक्ष के अन्दर अग्नि होती है, उसी प्रकार शकुन्तला में भी तेजोमय जीव गर्भ में है। यह अभिज्ञानशाकुन्तलम् नाटक के चतुर्थ अङ्क में वर्णित है। जिसमें दुष्यन्त नायक तथा शकुन्तला नायिका है।

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‘‘अग्निगर्भां शमीमिव’’ यह उपमा शकुन्तला के लिए दी गयी है। अर्थात् -जिस प्रकार शमी वृक्ष के अन्दर अग्नि होती है, उसी प्रकार शकुन्तला में भी तेजोमय जीव गर्भ में है। यह अभिज्ञानशाकुन्तलम् नाटक के चतुर्थ अङ्क में वर्णित है। जिसमें दुष्यन्त नायक तथा शकुन्तला नायिका है।