Correct Answer:
Option C - हर्षवर्धन 606 ई. में थानेश्वर का शासक बना। गद्दी पर बैठने के बाद उसका पहला कार्य अपने भाई के हत्यारे शशांक से बदला लेना तथा बहन राज्यश्री को उसके कैद से आजाद करवाना था। इसी बीच हर्ष के ममेरे भाई भण्डि ने सूचना दी कि राज्यश्री कैद से निकल कर विन्ध्य के वनों एवं पर्वतों में भाग गई है। हर्ष ने एक बौद्ध भिक्षु दिवाकर मित्र की सहायता से विन्ध्य के जंगलों में राज्यश्री को तब ढूँढ निकाला जब वह सती होने जा रही थी।
C. हर्षवर्धन 606 ई. में थानेश्वर का शासक बना। गद्दी पर बैठने के बाद उसका पहला कार्य अपने भाई के हत्यारे शशांक से बदला लेना तथा बहन राज्यश्री को उसके कैद से आजाद करवाना था। इसी बीच हर्ष के ममेरे भाई भण्डि ने सूचना दी कि राज्यश्री कैद से निकल कर विन्ध्य के वनों एवं पर्वतों में भाग गई है। हर्ष ने एक बौद्ध भिक्षु दिवाकर मित्र की सहायता से विन्ध्य के जंगलों में राज्यश्री को तब ढूँढ निकाला जब वह सती होने जा रही थी।