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Q: Adolescence ends between the age of _____. किशोरावस्था________ की उम्र के बीच समाप्त होती है।
  • A. 21 to 25 years/21 से 25 वर्ष
  • B. 18 to 21 years/18 सक 21 वर्ष
  • C. 10 to 12 years/10 से 12 वर्ष
  • D. 16 to 18 years/16 से 18 वर्ष
Correct Answer: Option B - किशोरावस्था 18 से 21 वर्ष की उम्र के बीच समाप्त होती है। किशोरावस्था का काल संसार के सभी देशों में एक सा नहीं माना जाता है। हैरीमैन ने लिखा है- ‘‘यूरोपीय देशों में किशोरावस्था का समय लड़कियों में लगभग 13 वर्ष से लेकर 21 वर्ष और लड़कों में 15 वर्ष से लेकर 21 वर्ष तक माना जाता है। भारत देश में लड़कियों की 11-17 और लड़कों की 13-19 वर्ष की आयु तक किशोरावस्था की सीमा मानी जाती है।’’ कॉलसेनिक के अनुसार, ‘‘किशोरों एवं किशोरियों को अपने शरीर एवं स्वास्थ्य की विशेष चिन्ता रहती है। किशोरों के लिये बलशाली, स्वस्थ्य और उत्साही बनना एवं किशोरियों के लिये अपनी आकृति को स्रीत्व आकर्षण प्रदान करना महत्वपूर्ण होता है।’’
B. किशोरावस्था 18 से 21 वर्ष की उम्र के बीच समाप्त होती है। किशोरावस्था का काल संसार के सभी देशों में एक सा नहीं माना जाता है। हैरीमैन ने लिखा है- ‘‘यूरोपीय देशों में किशोरावस्था का समय लड़कियों में लगभग 13 वर्ष से लेकर 21 वर्ष और लड़कों में 15 वर्ष से लेकर 21 वर्ष तक माना जाता है। भारत देश में लड़कियों की 11-17 और लड़कों की 13-19 वर्ष की आयु तक किशोरावस्था की सीमा मानी जाती है।’’ कॉलसेनिक के अनुसार, ‘‘किशोरों एवं किशोरियों को अपने शरीर एवं स्वास्थ्य की विशेष चिन्ता रहती है। किशोरों के लिये बलशाली, स्वस्थ्य और उत्साही बनना एवं किशोरियों के लिये अपनी आकृति को स्रीत्व आकर्षण प्रदान करना महत्वपूर्ण होता है।’’

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किशोरावस्था 18 से 21 वर्ष की उम्र के बीच समाप्त होती है। किशोरावस्था का काल संसार के सभी देशों में एक सा नहीं माना जाता है। हैरीमैन ने लिखा है- ‘‘यूरोपीय देशों में किशोरावस्था का समय लड़कियों में लगभग 13 वर्ष से लेकर 21 वर्ष और लड़कों में 15 वर्ष से लेकर 21 वर्ष तक माना जाता है। भारत देश में लड़कियों की 11-17 और लड़कों की 13-19 वर्ष की आयु तक किशोरावस्था की सीमा मानी जाती है।’’ कॉलसेनिक के अनुसार, ‘‘किशोरों एवं किशोरियों को अपने शरीर एवं स्वास्थ्य की विशेष चिन्ता रहती है। किशोरों के लिये बलशाली, स्वस्थ्य और उत्साही बनना एवं किशोरियों के लिये अपनी आकृति को स्रीत्व आकर्षण प्रदान करना महत्वपूर्ण होता है।’’