Correct Answer:
Option B - जब कोई पदार्थ अपने पराभव प्रतिबल पर पहुँच जाता है तो उसकी विफलता की सम्भावना बढ़ जाती है। भंगुर पदार्थों की विफलता अधिकतम मुख्य प्रतिबल सिद्धान्त या रैंकिन का सिद्धान्त तथा तन्य पदार्थों की विफलता अधिकतम मुख्य विकृति सिद्धान्त या सेन्ट वेनेंट सिद्धान्त के अनुसार होती है।
B. जब कोई पदार्थ अपने पराभव प्रतिबल पर पहुँच जाता है तो उसकी विफलता की सम्भावना बढ़ जाती है। भंगुर पदार्थों की विफलता अधिकतम मुख्य प्रतिबल सिद्धान्त या रैंकिन का सिद्धान्त तथा तन्य पदार्थों की विफलता अधिकतम मुख्य विकृति सिद्धान्त या सेन्ट वेनेंट सिद्धान्त के अनुसार होती है।