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Q: According to Piaget, which of the following pair of is correctly matched? प्याजे के अनुसार, निम्नलिखित में से प्रतिरूपता का कौन सा युग्म सही सुमेलित है ? I. Invisible imitation– Imitation using body parts the child cannot see, such as the mouth. I. अदृश्य प्रतिरूपता- शरीर के उन हिस्सों का उपयोग करके नकल जिन्हें बच्चा नहीं देख सकता, जैसे कि मुंह। II. Visible imitation – Imitation with parts of the body the child can see, such as the feet and hands. II. दृश्यमान प्रतिरूपता–शरीर के उन हिस्सों से नकल जो बच्चा देख सकता है, जैसे पैर और हाथ।
  • A. Only I/केवल I
  • B. Only II/केवल II
  • C. I and II/I तथा II दोनों
  • D. I, II and III/I, II और II
Correct Answer: Option C - पियाजे के अनुसार– (1) अदृश्य प्रतिरूपता – इसमें बच्चा शरीर के उन हिस्सों का उपयोग करके नकल करता है, जिन्हें वह नहीं देख सकता है जैसे कि - मुँह। (2) दृश्यमान प्रतिरूपता - इसमें बच्चा शरीर के उन हिस्सों से नकल करता है, जो वह देख सकता है जैसे कि पैर और हाथ। पियाजे का सिद्धान्त - संज्ञानात्मक विकास के प्रतिपादक जीन पियाजे हैं जो स्विट्जरलैण्ड के निवासी थे। जीन पियाजे एक मनोवैज्ञानिक और आनुवांशिक एपिस्टेमोलॉजिस्ट थे। वह सबसे अधिक संज्ञानात्मक विकास के अपने सिद्धान्त के लिए प्रसिद्ध है, जो इस बात पर ध्यान देता है कि बचपन के दौरान बच्चे बौद्धिक रूप से कैसे विकसित होते है। इसके लिए इन्होंने चार अवस्थाएँ बताई हैं– (1) संवेदीगामक अवस्था (0–2 वर्ष तक) (2) पूर्व संचालन अवस्था (2-7 वर्ष तक) (3) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष तक) (4) औपचारिक अवस्था (12 वर्ष से वयस्क होने तक की अवस्था)
C. पियाजे के अनुसार– (1) अदृश्य प्रतिरूपता – इसमें बच्चा शरीर के उन हिस्सों का उपयोग करके नकल करता है, जिन्हें वह नहीं देख सकता है जैसे कि - मुँह। (2) दृश्यमान प्रतिरूपता - इसमें बच्चा शरीर के उन हिस्सों से नकल करता है, जो वह देख सकता है जैसे कि पैर और हाथ। पियाजे का सिद्धान्त - संज्ञानात्मक विकास के प्रतिपादक जीन पियाजे हैं जो स्विट्जरलैण्ड के निवासी थे। जीन पियाजे एक मनोवैज्ञानिक और आनुवांशिक एपिस्टेमोलॉजिस्ट थे। वह सबसे अधिक संज्ञानात्मक विकास के अपने सिद्धान्त के लिए प्रसिद्ध है, जो इस बात पर ध्यान देता है कि बचपन के दौरान बच्चे बौद्धिक रूप से कैसे विकसित होते है। इसके लिए इन्होंने चार अवस्थाएँ बताई हैं– (1) संवेदीगामक अवस्था (0–2 वर्ष तक) (2) पूर्व संचालन अवस्था (2-7 वर्ष तक) (3) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष तक) (4) औपचारिक अवस्था (12 वर्ष से वयस्क होने तक की अवस्था)

Explanations:

पियाजे के अनुसार– (1) अदृश्य प्रतिरूपता – इसमें बच्चा शरीर के उन हिस्सों का उपयोग करके नकल करता है, जिन्हें वह नहीं देख सकता है जैसे कि - मुँह। (2) दृश्यमान प्रतिरूपता - इसमें बच्चा शरीर के उन हिस्सों से नकल करता है, जो वह देख सकता है जैसे कि पैर और हाथ। पियाजे का सिद्धान्त - संज्ञानात्मक विकास के प्रतिपादक जीन पियाजे हैं जो स्विट्जरलैण्ड के निवासी थे। जीन पियाजे एक मनोवैज्ञानिक और आनुवांशिक एपिस्टेमोलॉजिस्ट थे। वह सबसे अधिक संज्ञानात्मक विकास के अपने सिद्धान्त के लिए प्रसिद्ध है, जो इस बात पर ध्यान देता है कि बचपन के दौरान बच्चे बौद्धिक रूप से कैसे विकसित होते है। इसके लिए इन्होंने चार अवस्थाएँ बताई हैं– (1) संवेदीगामक अवस्था (0–2 वर्ष तक) (2) पूर्व संचालन अवस्था (2-7 वर्ष तक) (3) मूर्त संक्रियात्मक अवस्था (7 से 11 वर्ष तक) (4) औपचारिक अवस्था (12 वर्ष से वयस्क होने तक की अवस्था)