Correct Answer:
Option B - अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रश्न सुरेन्द्र वर्मा के नाटक आठवाँ सर्ग– 1976 में आया है। ‘सूर्य की पहली किरण से सूर्य की अंतिम किरण तक’ में स्त्री-पुरूष सम्बन्ध में उत्तर-आधुनिक व्यंजना है। ‘शकुंतला की अँगूठी’ में पैसे के समक्ष कला की महत्वहीनता व्यक्त की कई है। ‘नायक खलनायक विदुषक’ इनका अन्य नाटक है।
B. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रश्न सुरेन्द्र वर्मा के नाटक आठवाँ सर्ग– 1976 में आया है। ‘सूर्य की पहली किरण से सूर्य की अंतिम किरण तक’ में स्त्री-पुरूष सम्बन्ध में उत्तर-आधुनिक व्यंजना है। ‘शकुंतला की अँगूठी’ में पैसे के समक्ष कला की महत्वहीनता व्यक्त की कई है। ‘नायक खलनायक विदुषक’ इनका अन्य नाटक है।