Correct Answer:
Option B - अभित: या सर्वत: के योग में द्वितीया विभक्ति होती है। इसका सूत्र - ``अभित: परित: समया-निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि द्वितीया''। ``अभित: (दोनों ओर), परित: (चारों ओर), समया (समीप), निकषा (समीप), हा (हाय) और प्रति (विषय में/तरफ/ओर) इन अव्ययों के योग में इस वार्तिक से द्वितीया विभक्ति आती है।
B. अभित: या सर्वत: के योग में द्वितीया विभक्ति होती है। इसका सूत्र - ``अभित: परित: समया-निकषा-हा-प्रतियोगेऽपि द्वितीया''। ``अभित: (दोनों ओर), परित: (चारों ओर), समया (समीप), निकषा (समीप), हा (हाय) और प्रति (विषय में/तरफ/ओर) इन अव्ययों के योग में इस वार्तिक से द्वितीया विभक्ति आती है।