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Q: अभिज्ञान शाकुन्तल के चतुर्थ अङ्क के प्रारम्भ में आश्रम में कौनसा अतिथि प्रवेश करता है जिसकी उपेक्षा परिलक्षित होती है?
  • A. दुष्यन्त
  • B. कण्व
  • C. दुर्वासा
  • D. विश्वामित्र
Correct Answer: Option C - अभिज्ञान शाकुन्तल के चतुर्थ अङ्क के प्रारम्भ में आश्रम में दुर्वासा अतिथि प्रवेश करता है जिसकी उपेक्षा परिलक्षित होती है। अपनी उपेक्षा को देखकर ही दुर्वासा शकुन्लता को शाप देते है। ‘विचिन्तयन्ती यमनन्यमानसा------ कथां प्रमत्त: प्रथमं कृतामिव।।’’
C. अभिज्ञान शाकुन्तल के चतुर्थ अङ्क के प्रारम्भ में आश्रम में दुर्वासा अतिथि प्रवेश करता है जिसकी उपेक्षा परिलक्षित होती है। अपनी उपेक्षा को देखकर ही दुर्वासा शकुन्लता को शाप देते है। ‘विचिन्तयन्ती यमनन्यमानसा------ कथां प्रमत्त: प्रथमं कृतामिव।।’’

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अभिज्ञान शाकुन्तल के चतुर्थ अङ्क के प्रारम्भ में आश्रम में दुर्वासा अतिथि प्रवेश करता है जिसकी उपेक्षा परिलक्षित होती है। अपनी उपेक्षा को देखकर ही दुर्वासा शकुन्लता को शाप देते है। ‘विचिन्तयन्ती यमनन्यमानसा------ कथां प्रमत्त: प्रथमं कृतामिव।।’’