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Q: आवश्यक वस्तु अधिनियम में सूचीबद्ध वस्तुओं का समूह है :
  • A. कोयला, कपास वस्त्र, लोहा, पेट्रोलियम उत्पाद
  • B. कोयला, इस्पात, कपास, इस्पात, प्लास्टिक
  • C. लोहा, इस्पात, पेट्रोलियम, एल्यूमीनियम
  • D. कागज, औषध, पीतल, इस्पात
Correct Answer: Option A - आवश्यक वस्तु अधिनियम में सूचीबद्ध वस्तुओं का समूह है। कोेयला, कपास, वस्त्र, लोहा, पेट्रोलियम उत्पाद आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत केंद्र राज्य सरकारों के माध्यम से कुल आठ श्रेणियों के वस्तुओं पर नियंत्रण रखती है। इसमें ड्रग्स, उर्वरक, खाद्य तिलहन एवं तेल समेत खाने की वस्तुएँ, कपास से बना धागा, पेट्रोलियम तथा पेट्रोलियम उत्पाद, कच्चा जूट और जूट वस्त्र, खाद्य-फसलों के बीज तथा जूट के बीज और फेस मास्क तथा हैंड सैनिटाइजर शामिल है। यह कानून साल 1955 में ऐसे समय में बना था जब भारत खाद्य पदार्थों की भयंकर कमी से जूझ रहा था। इसलिए इस कानून का उद्देश्य इन वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना था ताकि उचित मूल्य पर सभी को खाने का सामान मुहैया कराया जा सके।
A. आवश्यक वस्तु अधिनियम में सूचीबद्ध वस्तुओं का समूह है। कोेयला, कपास, वस्त्र, लोहा, पेट्रोलियम उत्पाद आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत केंद्र राज्य सरकारों के माध्यम से कुल आठ श्रेणियों के वस्तुओं पर नियंत्रण रखती है। इसमें ड्रग्स, उर्वरक, खाद्य तिलहन एवं तेल समेत खाने की वस्तुएँ, कपास से बना धागा, पेट्रोलियम तथा पेट्रोलियम उत्पाद, कच्चा जूट और जूट वस्त्र, खाद्य-फसलों के बीज तथा जूट के बीज और फेस मास्क तथा हैंड सैनिटाइजर शामिल है। यह कानून साल 1955 में ऐसे समय में बना था जब भारत खाद्य पदार्थों की भयंकर कमी से जूझ रहा था। इसलिए इस कानून का उद्देश्य इन वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना था ताकि उचित मूल्य पर सभी को खाने का सामान मुहैया कराया जा सके।

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आवश्यक वस्तु अधिनियम में सूचीबद्ध वस्तुओं का समूह है। कोेयला, कपास, वस्त्र, लोहा, पेट्रोलियम उत्पाद आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत केंद्र राज्य सरकारों के माध्यम से कुल आठ श्रेणियों के वस्तुओं पर नियंत्रण रखती है। इसमें ड्रग्स, उर्वरक, खाद्य तिलहन एवं तेल समेत खाने की वस्तुएँ, कपास से बना धागा, पेट्रोलियम तथा पेट्रोलियम उत्पाद, कच्चा जूट और जूट वस्त्र, खाद्य-फसलों के बीज तथा जूट के बीज और फेस मास्क तथा हैंड सैनिटाइजर शामिल है। यह कानून साल 1955 में ऐसे समय में बना था जब भारत खाद्य पदार्थों की भयंकर कमी से जूझ रहा था। इसलिए इस कानून का उद्देश्य इन वस्तुओं की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकना था ताकि उचित मूल्य पर सभी को खाने का सामान मुहैया कराया जा सके।